गुरुवार, 26 अगस्त 2010

खाऊ बाड़ को बदलने वाला कोई माँ का लाल नहीं

एक भूखा[हिन्दुस्तानी] गरीब
                     ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है?हसाड़े अपने सोणे  मुल्क में हम भूखे गरीबों को नौकरी देने में विफल[रास्ट्रीय] नेता जन   सड़े जा रहे अनाज  तक को देने से इनकार कर रहे हैं और तो और हमारे लिए पी.डी.एस.तक को खाए जा रहे हैं ये नेता जन हमारे लाभ के लिए धन  एकत्रित करते हैं और उसे   अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करते जा रहे हैं अपने  तनख्वाह का ग्राफ बढाने में लगे हैं  हुन हसाड़ा क्या होगा
झल्ला
                   हाँ जी गरीब जी भूखे जी आपजी बिलकुल ठीक कह रहे हो अब तो बाड़ ही खेत खाए जा रही है और इस खाऊ बाड़ को बदलने वाला कोई माँ का लाल सामने नहीं आ   रहा हुन तो जो होता हो हो   ही जाने दो जी 
                           पानी बचाओ +बिजली बचाओ 

मंगलवार, 11 मई 2010

घर का जोगी जोगना बाहर का जोगी सिद्ध|

एक कांग्रेसी
               ओये झल्लेया देखा हसाड़े सोणे मंमोहने पी.एम्. का कमाल धोती को फाड़ कर बना दिया रुमाल
                ओये मंमोहने की काबलियत का लोहा तो अमेरिका दादा भी मानने लग गया है|वहांकेप्रमुख
                बराक मो .ओबामा.ने इसी हफ्ते मंमोहने को गुरु भी कह दिया है|ओये अब तो मानता हे ना की
                 यू.पी.ऐ.और देश की बागडोर मंमोहने के सशक्त हातों में है|  
झल्ला                             save power+save पानी बचाओ+बिजली बचाओ
                  हांजी सही कहा गया है की घर का जोगी जोगना बाहर का जोगी सिद्ध|           

बुधवार, 14 अप्रैल 2010

परमाणु सुरक्षा सम्मलेन में गरज मनमोहणी

एक कांग्रेसी        

ओये झल्लेया देखा हसाडा सोणा मनमोहना अमेरिका[vaashingthan] में परमाणु सुरक्षा सम्मलेन में कैसे शेरों की तरह गरज रहा है
ओये सीधे साधे पी.एम्. ने विकसित देशों के जमावड़े में दो टूक मकसद पूर्ण निशस्त्रीकरण को जरूरी बता दिया है
४७ रास्त्राध्य्क्षों को बतादिया की विकसितों का चहेता पाकिस्तान ना केवल नाभिकीय अस्त्र इकट्ठा कर रहा है वरन इनकी तस्करी में भी लिप्त है
इसीलिए अब चहेते को सोना देना और हमें सीना दिखाना बंद कर देना चाहिए
इसके साथ ही पी.एम्. ने सफल मंझे हुए कूटनीतिक की तरह अध्ययन+सुरक्षा++सुविधा+++उपयोग के लिए परमारूं ऊर्जा साझेदारी पर वैश्विक केंद्र की भी घोषणा कर दी |और तो और २६|११ के हमले के दोषियों पर कार्यवाही ना होने तक पाकिस्तान को मुह ना  लगाने की भी चेतावनी दे डाली|अब तो मानता हे ना की हसाडा मुल्क जल्द ही बनेगा सिरमोर मुल्क
झल्ला
                                                          [ पानी बचाओ+बिजली बचाओ ]
          वाकई भाई जी  शेरों के संरक्षक   की गर्जना यहाँ तक सुनाई दे रही है
मगर इतिहास गवाह है की हसाडे पहले शेरों की गर्जना पहले तो जोर से गूंजती  है मगर बाद में किसी नक्कारखाने की तूती बन कर रह जाती  हैं|
झाल्लेविचारानुसार खुदी को कर बुलंद तो खुलेंगे  सभी बंद और गायब होंगे सभी  पैबंद





बुरी नज़र से बचो

शनिवार, 10 अप्रैल 2010

आपसी झगड़ों में कांग्रेसी राज बब्बर जी को मेरठ [अपने विरोधिओं को मजबूत करने को ]आने देंगे

एक कांग्रेसी


ओये झल्लेया बैसाखी दी लख लख वधाइयां
ओये अब तो ११ अप्रैल के मेरठ में आप के बैसाखी के मेले मैं हसाड़े स्टार प्रचारक सांसद राज बब्बर भी आ रहे हैं
अब तो मेरठ में भी हसाडी कांग्रेस की गुड्डी चढ़ जाणी है
अब तो इस छेत्र में भी एक दो सीटें मिल ही जाणी हैं



                                                          पानी बचाओ+बिजली बचाओ
झल्ला



बैसाखी दी सभी को वधाइयां इश्वर करे बैसाख की खुशहाली सबके जीवन को खुशहाल करदे
राज बब्बर जी का तो सभी लोग स्वागत करेंगे ही और आप जी की पार्टी के स्टैण्डर्ड को भी चार चाँद लगने स्वाभाविक हैं
मगर झ्ल्लेविचारानुसार बेशक पंजाबी संघठन [बैसाखी मेले के आयोजक ]



के प्रेसिडेंट कांग्रेसी हैं मगर इसके महानगर अध्यक्ष तो भाजापाई हैं +विधायिकी के लिए कतार में हैं   और मेला भी महानगर ही करवा रहा है अब आप ही बताओ लाभ किसको मिलना है
इस स्थिति में तो आपसी झगड़ों में लिप्त लोकल कांग्रेसी राज बब्बर जी को मेरठ [अपने विरोधिओं को मजबूत करने को ]आने देंगेइसके साथ ही भोले बादशाहों कांग्रेसी अध्यक्ष भी कोई दूध पीता बच्चा नहीं है

शुक्रवार, 2 अप्रैल 2010

स्कूलों को बच्चों[वंचित]के घरों तक भोजन के साथ शिक्षा भेजना जरूरी है|


एक कांग्रेसी
               ओये झल्लेया मुबारकां|हसाड़े सोणे ते मंमोहने पी.एम्. और काबिल सिब्बल ने शिक्षा के छेत्र में एक नया इतिहास लिख दिया है अब तो देश के सारे बच्चों को शिक्षा मिले ही मिले||ओये शिक्षा के इस अधिकार से  सबको शिक्षा मिलना तो तय है ही इसके साथ साथ गरीबों के लिए स्कूलों में २५%सीटें आरक्षित रखना भी जरूरी हो गया है| ८वी तक  ९२लाख वंचितों को भी मुफ्त शिक्षा+३० बच्चों के लिए एक टीचर++ लाखों टीचरों को नौकरी   |अब तो हो जाणी हे जी बल्ले बल्ले|सारे होंगे थल्ले ही थल्ले | लेकिन अआप्जी की माया  जी को कया हो गया है|गरीबों को शिक्षा के लिए प्रदेश के हिस्से के ४५%[८००० करोर]देने से ही मना कर रही हैं|
 झल्ला|                                                                   पानी बचाओ+बिजली बचाओ
            खैर मुबारक जी |गल तो वाकई मुबारक वाली  ही है| सभी धर्मों +समाजों में शिक्षा को महत्त्व दिया गया है|पाक कुरआन में पहला शब्द इकरा[पड़ो]+हिन्दू धरम में तो ज्ञान दान महा दान बताया गया है|++इसाई धर्मी पूरी दुनिया को शिक्षित करने को क्रतसंकल्प +++और सिख धर्म में तो गुरु ग्रन्थ साहब को गुरु का दर्जा दिया गया है|  सोणे मनमोहने  और काबिल सिब्बल ने बेशक पहली अप्रैल को यह घोषणा की है मगर विश्वाश है की यह अप्रैल फूल नहीं होगा|  इस पर भी जनाब ग्लास अभी भी आधे से ज्यादा खाली ही है| सरकारी स्कूलों के टीचरों को अपनी नौकरी बचाने को बच्चों की संख्या बड़ा कर अपनी जेब से [बेशक नाम मात्र]फीस जमा करवानी पड़ती है|मुक्त विद्यालय [आर.टी.]के उत्तर प्रदेश के १५६ केन्द्रों  [अध्ययन]में चार छेह बच्चे होने के फलस्वरूप बंद किये जा रहे हैं|सरकारी स्कूलों  से लेकर रिसर्च तक में ड्राप आउट प्रतिशत चिंताजनक है| टीचरों से पढाई के बजाय और दूसरे काम कराय जाते हैं| खेतान पब्लिक जैसे कई स्कूल है जिनकी मनमानी फीस की मांग से इनकी  मान्यता पर प्रश्न चिन्ह लगता रहता है|बच्चों को स्कूल भेजने   के बजाय उनकी कमाई से घर चलाया जा रहा है|झाल्लेविचारानुसार अब गरीब बच्चों के लिए मात्र बिल्डिंग्स बनाए के बजाय सही मायने में स्कूल बना कर बच्चों[वंचित]के घरों तक  भोजन के साथ  शिक्षा भेजना जरूरी है|  रही बात माया जी की तो जनाब इनका कसूर नहीं है मात्र तीन सालों में ४३८३.५१ करोर तो मुर्तिओं पर कर्च करके गरीबों की सेवा कर चुकी हैं|और अब इन मूर्तियों की सुरक्षा के लिए भी करोरों चाह्हिये | 

गुरुवार, 4 फ़रवरी 2010

महंगाई महंगाई महंगाई mehngaai

एक कांग्रेसी
ओये झ्ल्लेया देखा हसाडे सोणे मंमोहने पी एम् ने कमाल कर दिया विपक्ष के कहे बगैर और विघटन कारी पार्टिओं के विघ्न डालते रहने के बावजूद भी यूं.पी.ऐ.के मंत्रिओं को अपनी जमीन जायदाद डिक्लेरकरने को कह दिया हैओये अब तो भ्रष्टाचार की कमर पर लात पड़े ही पड़े महंगाई कम होवे ही होवे
झल्ला जल बचाओ +विद्युत बचाओ
ओ बाऊ जी शुक्र है की महा ठगनी [mahaa] माया के ये भेद आप लोगों ने अब जानी बधाई
हाय महंगाई महंगाई महंगाई
महंगाई जिथों तूं हे आयी
महंगाई उत्थेही जा ओ माई

मंगलवार, 26 जनवरी 2010

६१वा साठा गणतंत्र वास्तविक पाठा साबित हो







एक कांग्रेसी



ओये झ्ल्लेया हसाड़े सोणे ते मज़बूत ६१वे गणतंत्र दी लख लख वधाइयां+मुबारकां +कान्ग्रेचुलेशना



देख्या हसाडी सोणी कांग्रेस के नेताओं ने जो १९४७मे आजादी हासिल की थी उसे आज भी हमारे नेता



ना केवल संभाल ही रहे हैं वरन आज़ादी को लगातार सुरक्षित रखते हुए गणतंत्र को मजबूत भी कर रहे



हैं



झल्ला
पानी बचाओ +बिजली बचाओ


खैर मुबारकां जी ईश्वर करे ६० पार कर चुके इस गणतंत्र को रिटायर ना करना पड़े वरन सबकी सलामती



के लिए ये साठा वास्तव में पाठा साबित हो