एक कांग्रेसी
ओये झाल्लेया पी.एम्.के जनम दिन+दुर्गा अस्ठ्मी+विजया दशमी की बधाइयां ओये इन त्योहारों में तो जी भर पूजा करके पुण्य कमाया होगा खूब हलवा पूरी का प्रसाद उडाया होगा
झल्ला बिजली बचाओ +पानी बचाओ
ओ मेरे भोले राजा जी त्योहारों की आप सभी को भी मुबारकां लेकिन इन त्योहारों में भक्तजनों ने अपने घर पूजा करने के लिए मेरी छोटी सी बगिया के सारे फूल तोड़ लिए लगातार ९ दिन तला+गरिष्ट भोजन करना पडा इससे तो अछे खासे पेट की ऐसी की तैसी हो गई अगले त्योहारों के लिए झल्ले की निशुल्क सलाह हे की
[१]भय्या पूजा के लिए अपने घरों में [छोटी सी ही सही ]बगिया लगा कर कम से कम पूजा के लायक फूल पैदा कर लो
[2]फ्लैट में रहने वाले नुक्लीयर परिवार गमला लगाएं
[3]तला +गरिष्ठ भोजन करने से पहले उसे पचाने का भी इन्तेजाम जरूर करलें
रविवार, 27 सितंबर 2009
रविवार, 20 सितंबर 2009
चीन सीमा पर पारदर्शिता जरूरी
एक कांग्रेसी
ओये झाल्लेया ये कया हो रहा है?हसाडे मुल्क के बार्डरों पर कोई समस्या नहीं है फ़िर भी तुम्हारी बिरादरी [मीडिया]वाले हाय हल्ला मचा रहे हैं ख्वाह्मखाह मचा रहे हैं चीन के बार्डर पर तो ना सूत हे और ना ही कपास और मीडिया वाले लट्ठ को कलम बनाए घूम रहे हैंओये अगर ऐसा ही चलता रहा तो समझो गई भैंस पानी में चीन से पंगा होवे ही होवे
झल्ला पानी बचाओ+बिजली बचाओ
ओ मेरे भोले शाह जी बिना आग के धूना नही उठता मीडिया वालों की लम्बी लम्बी नाक पर मोटे मोटे ग्लास वाले चश्मे नहीं दूरबीने होती हैंपकिस्तान +बंगलादेश+श्रीलंका के अलावा चीन की सीमाओं पर होने वाले छोटी सी हलचल को अगर छुपाने की कौशिश भी करोगे तो उसकी परछाई की विशालता तुम्हे ख़ुद को ही डरायेगी झाल्लेविचारानुसार किलसने के बजाये सीमा के मामले में पारदर्शीता अपना कर त्वरित उचित कार्यवाही करना ही दानिशमंदी होगी
ओये झाल्लेया ये कया हो रहा है?हसाडे मुल्क के बार्डरों पर कोई समस्या नहीं है फ़िर भी तुम्हारी बिरादरी [मीडिया]वाले हाय हल्ला मचा रहे हैं ख्वाह्मखाह मचा रहे हैं चीन के बार्डर पर तो ना सूत हे और ना ही कपास और मीडिया वाले लट्ठ को कलम बनाए घूम रहे हैंओये अगर ऐसा ही चलता रहा तो समझो गई भैंस पानी में चीन से पंगा होवे ही होवे
झल्ला पानी बचाओ+बिजली बचाओ
ओ मेरे भोले शाह जी बिना आग के धूना नही उठता मीडिया वालों की लम्बी लम्बी नाक पर मोटे मोटे ग्लास वाले चश्मे नहीं दूरबीने होती हैंपकिस्तान +बंगलादेश+श्रीलंका के अलावा चीन की सीमाओं पर होने वाले छोटी सी हलचल को अगर छुपाने की कौशिश भी करोगे तो उसकी परछाई की विशालता तुम्हे ख़ुद को ही डरायेगी झाल्लेविचारानुसार किलसने के बजाये सीमा के मामले में पारदर्शीता अपना कर त्वरित उचित कार्यवाही करना ही दानिशमंदी होगी
शनिवार, 5 सितंबर 2009
शिक्षकों के लिए रिफ्रेशर कोर्से
एक कांग्रेसी
ओये झाल्लेया देखा हसाडे कपिल सिबल ने शिक्षक दिवस वाईस प्रेजिडेंट साहेब के हाथों देश के ३५१ शिक्षकों को सम्मानित करवा कर मौजूदा शिक्षा जगत के साथ साथ सर्वपल्ली को भी सलूट किया है केवल जबानी सेवा नहीं झ्ल्लेया २५००० नगद और रजत पदक भी दिए गए हुन सामाजिक+आर्थिक विकास +समाज में परिवर्तन के लिए आगे आने के लिए शिक्षकों को प्रेरणा मिले ही मिले
झल्ला बिजली बचाओ+पानी बचाओ यहाँ तक तो ठीक है मगर भोले [मगर ]आप की ठीक नाक तले यूं.पी.और एम्.पी.में इसी दिन शिक्षकों को लाठियाया गया इसके अलावा ये कहना भी अनुचित नहीं होगा , झाल्लेविचारानुसार तर्क संगत ही होगा की[१]आज़ादी के ६२ साल बाद भी शिक्षकों को अपनी तनख्वाह तक लेने के लिए रिश्वत [सुविधा शुल्क]देनी पड़ती है [२]मिड डे मील तक बनाना पड़ता है[३]चुनावों में और वोटर लिस्ट के लिए [डर डर ]भटकना पड़ता है [४] पोलियो अभियान की रीड बनने के अलावा पालितिसनिओं[राजनितिक ] को सहना पड़ता है [६]और शिक्षा देने के लिए छात्रों को इकट्ठा करने के लिए अपनी जेब तक ढीली करने को मजबूर है बेशक इस व्यवसाय में भी एकलव्य और अर्जुन को अलग अलग चश्मे से देखने वाले शिक्षक हैं
इसीलिए हामिद साहेब [वी.पी.]के अनुसार संख्या के बजाये गुणवत्ता को तरजीह देनी होगी झाल्लेविचारानुसार इसके लिए शिक्षकों के लिए रिफ्रेशर कोर्स की व्यवस्था करके शरुआत की जा सकती है
ओये झाल्लेया देखा हसाडे कपिल सिबल ने शिक्षक दिवस वाईस प्रेजिडेंट साहेब के हाथों देश के ३५१ शिक्षकों को सम्मानित करवा कर मौजूदा शिक्षा जगत के साथ साथ सर्वपल्ली को भी सलूट किया है केवल जबानी सेवा नहीं झ्ल्लेया २५००० नगद और रजत पदक भी दिए गए हुन सामाजिक+आर्थिक विकास +समाज में परिवर्तन के लिए आगे आने के लिए शिक्षकों को प्रेरणा मिले ही मिले
झल्ला बिजली बचाओ+पानी बचाओ यहाँ तक तो ठीक है मगर भोले [मगर ]आप की ठीक नाक तले यूं.पी.और एम्.पी.में इसी दिन शिक्षकों को लाठियाया गया इसके अलावा ये कहना भी अनुचित नहीं होगा , झाल्लेविचारानुसार तर्क संगत ही होगा की[१]आज़ादी के ६२ साल बाद भी शिक्षकों को अपनी तनख्वाह तक लेने के लिए रिश्वत [सुविधा शुल्क]देनी पड़ती है [२]मिड डे मील तक बनाना पड़ता है[३]चुनावों में और वोटर लिस्ट के लिए [डर डर ]भटकना पड़ता है [४] पोलियो अभियान की रीड बनने के अलावा पालितिसनिओं[राजनितिक ] को सहना पड़ता है [६]और शिक्षा देने के लिए छात्रों को इकट्ठा करने के लिए अपनी जेब तक ढीली करने को मजबूर है बेशक इस व्यवसाय में भी एकलव्य और अर्जुन को अलग अलग चश्मे से देखने वाले शिक्षक हैं
इसीलिए हामिद साहेब [वी.पी.]के अनुसार संख्या के बजाये गुणवत्ता को तरजीह देनी होगी झाल्लेविचारानुसार इसके लिए शिक्षकों के लिए रिफ्रेशर कोर्स की व्यवस्था करके शरुआत की जा सकती है
रविवार, 30 अगस्त 2009
कांग्रेसी सत्ता की दूसरी पारी की १०० दिनी जुबली
एक कांग्रेसी =
ओये झाल्लेया देखा हसाडेयूं.पी.ऐ.की दरियादिली एक तरफ़ तो सोणे मनमोहने पी.एम्.ने अपनी धुर विरोधी बी.जे.पी. में चल रही उठापटक पर चिंता जतायी है तो दूसरी तरफ़ आर्थिक कर्ज में डूब रही विशाल एयर इंडिया को उबारने के लिए विशेष बेल आउट पैकेज के लिए रास्ता साफ़ कर दिया गया हैदेखा हम लोग १०० दिन की सफलता के नशे मे चूर नहीं हैं देश में एक संपर्क भाषा हो या स्वाइन फ्लू का सामना सभी सीमाओं पर झंडे गाडे जा रहे हैं लेफ्ट कमजोर है बी.जे.पी.अपने आंतरिक झगडों में फंसी है हम पर कोई दबाब नही है फ़िर भी हमारी सरकार सभी दिशाओं में कार्य कर रही है
झल्ला= बिजली बचाओ+पानी बचाओ +पावर बचाओ +वाटर बचाओ =ख़ुद को बचाओ
ओ बाओ जी आपजी के सोणे पी.एम्। की दरिया दिली ,काबिल सिबल की लिंगुआ फ्रांका ,और गुलाम नबी आज़ाद की स्वाइन फ्लू से खुली जंग सभी बधाई के पात्र हैलेकिन आपके सहयोगी शरद पवार की चीनी की कड़वाहट +प्रफुल पटेल के जहाजों के झटके+यूं.पी.उपचुनाव ,एम्.सी.डी चुनाव में हार +खादान्यों की आकाश यात्रा +पाकिस्तान की नाफ़रमानी+नेपाल की ऊंगल बाजी+श्री लंका ,अमेरीका की सीना जोरी आदि ऐसे अनेक फ्रंट हैं जहाँ विशेष चश्मे से देखने की जरूरत हे
एयर इंडिया के लिए [वास्तव में ]आर्थिक मदद की बेहद जरूरत हे अपने रोल माडल अमेरिका की तर्ज
पर ऐसी संस्थाओं को आर्थिक संकट से उबारने के लिए[ बेशक ]सस्ता कर्ज +एक्स्ट्रा इक्विटी +क्रेडिट भुगतान की अवधि की लिमिट बढ़ानेकी जरूरत हे मगर इसके साथ ही अमेरिका की तरह ही एयर इंडिया के प्रबंधकों पर
[उतर दायित्व ]लगाम भी कसना होगा [१]मुफ्त यात्री कटौती [२]प्रबंधकों ,कर्मियों [अतिरिक्त ]की सख्या को दूसरे मंत्रालयों में उपयोग [३] आय के अनुरूप खर्च [४] कर्ज के भुगतान में विलंभ या कर्ज में बढोतरी पर जवाब देही तय होनी ही चाहिए
[५]सशक्त विपक्ष की अनुपस्थिति में सत्ता धारीओं को ही विपक्ष की भूमिका भी निभानी पड़ती है.
ओये झाल्लेया देखा हसाडेयूं.पी.ऐ.की दरियादिली एक तरफ़ तो सोणे मनमोहने पी.एम्.ने अपनी धुर विरोधी बी.जे.पी. में चल रही उठापटक पर चिंता जतायी है तो दूसरी तरफ़ आर्थिक कर्ज में डूब रही विशाल एयर इंडिया को उबारने के लिए विशेष बेल आउट पैकेज के लिए रास्ता साफ़ कर दिया गया हैदेखा हम लोग १०० दिन की सफलता के नशे मे चूर नहीं हैं देश में एक संपर्क भाषा हो या स्वाइन फ्लू का सामना सभी सीमाओं पर झंडे गाडे जा रहे हैं लेफ्ट कमजोर है बी.जे.पी.अपने आंतरिक झगडों में फंसी है हम पर कोई दबाब नही है फ़िर भी हमारी सरकार सभी दिशाओं में कार्य कर रही है
झल्ला= बिजली बचाओ+पानी बचाओ +पावर बचाओ +वाटर बचाओ =ख़ुद को बचाओ
ओ बाओ जी आपजी के सोणे पी.एम्। की दरिया दिली ,काबिल सिबल की लिंगुआ फ्रांका ,और गुलाम नबी आज़ाद की स्वाइन फ्लू से खुली जंग सभी बधाई के पात्र हैलेकिन आपके सहयोगी शरद पवार की चीनी की कड़वाहट +प्रफुल पटेल के जहाजों के झटके+यूं.पी.उपचुनाव ,एम्.सी.डी चुनाव में हार +खादान्यों की आकाश यात्रा +पाकिस्तान की नाफ़रमानी+नेपाल की ऊंगल बाजी+श्री लंका ,अमेरीका की सीना जोरी आदि ऐसे अनेक फ्रंट हैं जहाँ विशेष चश्मे से देखने की जरूरत हे
एयर इंडिया के लिए [वास्तव में ]आर्थिक मदद की बेहद जरूरत हे अपने रोल माडल अमेरिका की तर्ज
पर ऐसी संस्थाओं को आर्थिक संकट से उबारने के लिए[ बेशक ]सस्ता कर्ज +एक्स्ट्रा इक्विटी +क्रेडिट भुगतान की अवधि की लिमिट बढ़ानेकी जरूरत हे मगर इसके साथ ही अमेरिका की तरह ही एयर इंडिया के प्रबंधकों पर
[उतर दायित्व ]लगाम भी कसना होगा [१]मुफ्त यात्री कटौती [२]प्रबंधकों ,कर्मियों [अतिरिक्त ]की सख्या को दूसरे मंत्रालयों में उपयोग [३] आय के अनुरूप खर्च [४] कर्ज के भुगतान में विलंभ या कर्ज में बढोतरी पर जवाब देही तय होनी ही चाहिए
[५]सशक्त विपक्ष की अनुपस्थिति में सत्ता धारीओं को ही विपक्ष की भूमिका भी निभानी पड़ती है.
सोमवार, 24 अगस्त 2009
काला धन देश में लाने को कानून बनाओ
एक कांग्रेसी
ओये झाल्लेया ये कया हो रहा है?ये स्विस बैंक वाले भी हमारे साथ अजीब खेल खेल रहे हैं स्विस बैंकों में भारतीयों के जमा काले धन और बरसों से बिना वलीवारिस के पडी अपार संम्पति के विषय में हमने जब जानकारी मांगी तो हमको दोनों हाथों के अंगूठे दिखा दिएअमरीका को स्विस बैंकों ने गोपनीय 4450khaato की जानकारी दे दी मगर हमें हमारे देश वासिओं के खातों की जानकारी के लिए हमको वहाँ आने से भी मना कर दियाये दोगली नीति नहीं तो ऑर कया है?
झल्ला वाटर बचाओ पावर बचाओ पानी बचाओ बिजली बचाओ
ओ भोले बादशाहों आप जी को मालूम होना चाह्हिये की स्विस बैंको के लिए खाते दारों की गोपनीयता बनाए रहने के लिए कानूनी बंधन हैहमारे मुल्क में ऐसा कोई कानून नही है जिस के अर्न्तगत विदेशों में जमादेश वासिओं के काले धन को वापिस लाना तो दूर उसकी जानकारी ही मंगाई जा सके इसीलिए
झाल्लेविचारानुसार पहले देश में ऐसा कानून बनवाओ फिर आवश्यक जानकारी के लिए कमर कस लो शाह जी आर्थिक मंदी के इस दौर में दूसरों का नही वरन अपना पैसा देश में लाने को कानून बनाना बेहद जरूरी हैयदि स्विस बैंक फिर भी ना माने तो, माननीय ,उस देश के साथ सम्बन्ध रखने का कोई फ़ायदा नहीं सीधे बहु रास्ट्रीय संघठनों की मदद ली जा सकती हैइस काम के लिए दबाब बनाना भी जरूरी है सो अभी से कम से कम आंतरिक शक्ति को बटोरो ऑर इस मुद्दे पर सबको साथ ले कर चलोअगर ऐसा हो गया तो स्विस तो पट्टे ही पट्टे
ओये झाल्लेया ये कया हो रहा है?ये स्विस बैंक वाले भी हमारे साथ अजीब खेल खेल रहे हैं स्विस बैंकों में भारतीयों के जमा काले धन और बरसों से बिना वलीवारिस के पडी अपार संम्पति के विषय में हमने जब जानकारी मांगी तो हमको दोनों हाथों के अंगूठे दिखा दिएअमरीका को स्विस बैंकों ने गोपनीय 4450khaato की जानकारी दे दी मगर हमें हमारे देश वासिओं के खातों की जानकारी के लिए हमको वहाँ आने से भी मना कर दियाये दोगली नीति नहीं तो ऑर कया है?
झल्ला वाटर बचाओ पावर बचाओ पानी बचाओ बिजली बचाओ
ओ भोले बादशाहों आप जी को मालूम होना चाह्हिये की स्विस बैंको के लिए खाते दारों की गोपनीयता बनाए रहने के लिए कानूनी बंधन हैहमारे मुल्क में ऐसा कोई कानून नही है जिस के अर्न्तगत विदेशों में जमादेश वासिओं के काले धन को वापिस लाना तो दूर उसकी जानकारी ही मंगाई जा सके इसीलिए
झाल्लेविचारानुसार पहले देश में ऐसा कानून बनवाओ फिर आवश्यक जानकारी के लिए कमर कस लो शाह जी आर्थिक मंदी के इस दौर में दूसरों का नही वरन अपना पैसा देश में लाने को कानून बनाना बेहद जरूरी हैयदि स्विस बैंक फिर भी ना माने तो, माननीय ,उस देश के साथ सम्बन्ध रखने का कोई फ़ायदा नहीं सीधे बहु रास्ट्रीय संघठनों की मदद ली जा सकती हैइस काम के लिए दबाब बनाना भी जरूरी है सो अभी से कम से कम आंतरिक शक्ति को बटोरो ऑर इस मुद्दे पर सबको साथ ले कर चलोअगर ऐसा हो गया तो स्विस तो पट्टे ही पट्टे
रविवार, 16 अगस्त 2009
स्वाधीनता की ६२वी वर्षगाँठ की लाख लाख वधाइयां
कांग्रेसी
ओये झाल्लेया स्वतन्त्रता दिवस की ६२वी वर्षगाँठ की लख लख वधाइयां ओये एतिहासिक लाल किले की प्राचीर से हसाडे सोणे ते मनमोहने पी.एम्। ने ६वी बार आतंकवाद की धमकियों से बिना डरे प्यारा तिरँगा फेहरादियाइस मुबारक मौके पर अपने मनमोहने स्टाईल में पी एम् ने ना केवल स्वाइन फ्लू से लड़ने के लिए देश वासिओं का होसला बढाया वरन पानी के महत्त्व पर भी प्रकाश डालाहुन तो पानी के लिए जवाहर लाल नेहरू योजना शुरू की जायेगी अब तो फ्लू को गलूलगा कर इलू इलू कर दिया जाएगा और सूखे को सुख नाल ] सुखा दिया जाएगा पावर बचाओ वाटर बचाओ
झल्ला
ओये सरकारे आली ६३वे स्वाधीनता दिवस की हार्दिक बधाइयां आपलोगों को प्यास लगने पर ही कूआं खोदने की पुरानी आदत हेइसीलिए रहीम जी की सदिओं पुराणी रहनुमाई को भूलते नही[रहिमन पानी राखिये बिन पानी सब सून पानी बिना ना ऊबरे मोती मानस चून]आज के दौर में जवाहर लाल नेहरू आदि की ,[ पाकिस्तान बनाने ke लिए ],बहुत आलोचना हो रही हे इसीलिए प्रभु जनहित योजनाओं के लिए कोई नए नाम सामने लाओ हो सके तो नदिओं को जोड़ने के पुराने संकल्प को ही पूरा करलो
रही बात फ्लू की तो [आज के ]प्रभु इस महामारी से निबटने को विदेशों पर निर्भरता को त्यागो और स्वदेशी उपायों के लिए खोज [रिसर्च]करवाओ
ओये झाल्लेया स्वतन्त्रता दिवस की ६२वी वर्षगाँठ की लख लख वधाइयां ओये एतिहासिक लाल किले की प्राचीर से हसाडे सोणे ते मनमोहने पी.एम्। ने ६वी बार आतंकवाद की धमकियों से बिना डरे प्यारा तिरँगा फेहरादियाइस मुबारक मौके पर अपने मनमोहने स्टाईल में पी एम् ने ना केवल स्वाइन फ्लू से लड़ने के लिए देश वासिओं का होसला बढाया वरन पानी के महत्त्व पर भी प्रकाश डालाहुन तो पानी के लिए जवाहर लाल नेहरू योजना शुरू की जायेगी अब तो फ्लू को गलूलगा कर इलू इलू कर दिया जाएगा और सूखे को सुख नाल ] सुखा दिया जाएगा पावर बचाओ वाटर बचाओ
झल्ला
ओये सरकारे आली ६३वे स्वाधीनता दिवस की हार्दिक बधाइयां आपलोगों को प्यास लगने पर ही कूआं खोदने की पुरानी आदत हेइसीलिए रहीम जी की सदिओं पुराणी रहनुमाई को भूलते नही[रहिमन पानी राखिये बिन पानी सब सून पानी बिना ना ऊबरे मोती मानस चून]आज के दौर में जवाहर लाल नेहरू आदि की ,[ पाकिस्तान बनाने ke लिए ],बहुत आलोचना हो रही हे इसीलिए प्रभु जनहित योजनाओं के लिए कोई नए नाम सामने लाओ हो सके तो नदिओं को जोड़ने के पुराने संकल्प को ही पूरा करलो
रही बात फ्लू की तो [आज के ]प्रभु इस महामारी से निबटने को विदेशों पर निर्भरता को त्यागो और स्वदेशी उपायों के लिए खोज [रिसर्च]करवाओ
शुक्रवार, 7 अगस्त 2009
आडवाणी की मूछें और सब्जी दाल रामप्यारे हो रहे हें
एक कांग्रेसी एम्.पी.
ओये झ्ल्लेया ये कया हो रहा हे?लाल कृषण जी आडवाणी ने संसद में फ़िर से बासी कड़ी में उबाल लाने के लिए हसाडे सोणे पी.एम्.को निशाना बनायाअपनी बची खुची मूछों पर ताव देते हुए कह दिया कि देश के पी.एम्. को लोक सभा से ही होना चाहिए हसाडे मनमोहने बेशक राज्य सभा से हें मगर यार आर.एस.भी तो संसद का ही एक हिससा हे कल तो ये लोग ये भी कहने लगेंगे कि संसद दिल्ली में हे इसीलिए पी.एम्.भी दिल्ली का ही होना चाहिए
झल्ला बिजली बचाओ पानी बचाओ सेव पावर सेव वाटर ओ बाऊ जी खैर मनाओ कि बी.जे.पी.के सिपहसालार ही एल.के.आडवाणी जी कि टांग खींच रहे हेंइसीलिए पार्टी भाम्बरभूसे में दिख रही हेयेही वजह हे कि आडवाणी जी बेचारे बिना पानी पीये ही त्वाडे पी.एम्.को कोसने का कोई मौका छोड़ना नही चाहते इसी किल्साहट में आडवाणी जी की मूछों के बाल और बाज़ार से सब्जी दाल भी राम जी को प्यारे हो रहे हें भूल गए वोह दिन जब प्याज की कीमतें बड़ने पर ही सरकारें गिर जाया करती थी अब १४१ जिलों में सूखा घोषित किए जाने पर आंधी तो कया हवा ,बाड़ तो कया सावन भादों में हलकी विरोध की बारिश भी नहीं हो रही
ओये झ्ल्लेया ये कया हो रहा हे?लाल कृषण जी आडवाणी ने संसद में फ़िर से बासी कड़ी में उबाल लाने के लिए हसाडे सोणे पी.एम्.को निशाना बनायाअपनी बची खुची मूछों पर ताव देते हुए कह दिया कि देश के पी.एम्. को लोक सभा से ही होना चाहिए हसाडे मनमोहने बेशक राज्य सभा से हें मगर यार आर.एस.भी तो संसद का ही एक हिससा हे कल तो ये लोग ये भी कहने लगेंगे कि संसद दिल्ली में हे इसीलिए पी.एम्.भी दिल्ली का ही होना चाहिए
झल्ला बिजली बचाओ पानी बचाओ सेव पावर सेव वाटर ओ बाऊ जी खैर मनाओ कि बी.जे.पी.के सिपहसालार ही एल.के.आडवाणी जी कि टांग खींच रहे हेंइसीलिए पार्टी भाम्बरभूसे में दिख रही हेयेही वजह हे कि आडवाणी जी बेचारे बिना पानी पीये ही त्वाडे पी.एम्.को कोसने का कोई मौका छोड़ना नही चाहते इसी किल्साहट में आडवाणी जी की मूछों के बाल और बाज़ार से सब्जी दाल भी राम जी को प्यारे हो रहे हें भूल गए वोह दिन जब प्याज की कीमतें बड़ने पर ही सरकारें गिर जाया करती थी अब १४१ जिलों में सूखा घोषित किए जाने पर आंधी तो कया हवा ,बाड़ तो कया सावन भादों में हलकी विरोध की बारिश भी नहीं हो रही
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