गुरुवार, 24 नवंबर 2011

शरद पवार आज अपने मुँह पर थप्पड़ लगाने की भविश्य वानी नहीं कर पाये|

आज गुरुतेग बहादुर जी का शहीदी दिवस बड़ी श्रधा भाव से मनाया जा रहा है |गुरु नानक देव की गद्दी के ९ वें गुरु तेग बहादुर जी ने हिंदुत्व की रक्षा के लिए अहिंसा वादी मार्ग अपनाया और तत्कालीन  धार्मिक और सामाजिक अन्याय के विरुद्ध सहर्ष अपने प्राणों का बलिदान किया और वोह हिंद की चादर कहलाते हैं|आज उन्ही के वारिस द्वारा चालाये गए सिख धर्म के एक आम अनुयायी ने भी वर्तमान में व्याप्त   भ्रष्टाचार+महंगाई+विसंगतियों के खिलाफ  दिल्ली में ही विरोध प्रकट किया है | केश धारी एक नवयुवक ने महारास्त्र के भारी भरकम नेता शरद पवार के मुख पर थप्पड़ जड़ दिया और आवेश आ कर अपनी ही कृपान  से अपनी बाईं कलाई काट डाली 
जिस प्रेस कांफ्रेंस में यह सब कुछ हुआ उसमे इस नवयुवक पर आधुनिक गांधी  वादियों ने खूब हाथ साफ़ किये|यहाँ तक की घटना के बाद टी. वी. चेनलों पर एक दूसरे पर कीचड  उछालने का रास्ट्रीय खेल शुरू हो गया है|इस घटना से  आम सिख नवयुवक बेशक ख़ास बन गया है मगर गुरु तेग बहादुर जी के सिधान्तों से कोसों दूर ही है|बेशक इससे पूर्व गृह मंत्री पी चिदम्बरम पर एक एनी सिख युवक ने  प्रेस कांफ्रेंस में जूता उछाला था और जे&के के मुख्यमंत्री पर भी एक परेड में जूता चल चुका है|मगर लगा तो पंडित सुख राम और शरद पवार को ही है|इसकी गूँज टी  वी चेनलों की लगातार टी आर पी बड़ा रही है|
   पंडित सुखराम [हिमाचल] को चप्पल मारने के बाद आज़ाद घूम रहे इस नवयुवक ने आज  महारास्त्र के हेवी वेट नेता शरद पवार के मुँह पर दिल्ली[एन.डी.एम.सी] में थप्पड़ जड़ दिया |पंडित सुखराम पर दूरसंचार में भ्रस्ताचार[उनके फ्लैट से [ Trunks] करोड़ों का काला धन मिला था ] और शरद पवार पर निजी स्वार्थ में मेहंगाई बढ़ाने के आरोप लगे हैं| अपनी भविष्य वाणियों से लगातार महंगाई बढाने के कई आरोप हैं|हिमाचली नेता को तो कोर्ट ने दोषी मान कर सज़ा भी सुना डी है मगर महारास्त्री[Agricultural] नेता अभी तक स्व्य्म को बेदाग जाहिर कराने में सक्षम ही साबित हो रहे हैं| शायद इस नेता के कंधों पर अभी तक केन्द्र और महारस्त्र की सरकारें टिकी है इसिलिये शरद की पावर के सामने कोई बोल नहीं पाता है |अपनी कथित भविश्यवानिओके बल पर मेहंगाई की लगाम ढीली रखते रहे शरद पवार आज अपने मुँह पर थप्पड़ लगाने की भविश्य वानी नहीं कर पाये|
 जमोस सबलोक 

रविवार, 25 सितंबर 2011

पेट्रोल के दाम भी राउंड फिगर में करने की कृपा करें|

 पेट्रोल के दामो  में  बढोत्तरी को लेकर आज कल विरोध प्रकट किया जा रहा है |व्यवसायिक नज़रिए वाली मौजूदा सरकार  विश्व बाज़ार की दुहाई देते हुए अपना [असफल]बचाव कर रही है उधर उपभोक्ता की अपनी मजबूरियां हैं|
         पेट्रोल के दामो में बढ़ोत्तरी का कुछ भी कारण हो मगर झल्ले विचारानुसार पेट्रोल के दामो से पैसे हटा दिए जाएँअर्थार्त राउंड फिगर में हो तो    ना केवल उपभोक्ता को फायदा होगा  वरन पेट्रोल की कीमतों में कालाबाजारी पर भी रोक लग सकेगी|
       पेट्रोल के दाम रुपये और पैसे में तय किये जाते हैं जैसे ७०रुपये और कुछ पैसे यह रेट बेशक स्थान स्थान प्रदेश प्रदेश अलग अलग होता है मगर इनमे एक समानता जरूर होती है वोह है पैसे की |अर्थार्त  रुपयों के साथ कुछ पैसे जरूर लिए जाते हैं यानि एक बड़ी कंपनी के जूतों की तरह पेट्रोल के लिए भी रुपयों के साथ कुछ पैसे  देने लाज़मी हैं|
      अब अगर र ग्राहक राउंड फिगर में  पेट्रोल खरीदता  है तो उसे रुपयों के साथ  पैसे देने जरूरी हैं|ज्यादातर ग्राहकों के पास चिल्लर नहीं होती सो वह राउंड फिगर में ही भुगतान करने को मजबूर होता है|इसके ठीक उलट यदि ग्राहक राउंड फिगर में भुगतान करता है तो उसे पेट्रोल लीटर के साथ साथ मिली लीटर मिलना चाहिए लेकिन ग्राहक को न्याय नहीं मिलता |बची चिल्लर या बचा हुआ पेट्रोल कंपनी या कर्मचारी की जेबों में जाता है 
     अब चूँकि सरकार ने चवन्नी तक की रेजगारी का चलन  बंद करदिया है तो कृपया पेट्रोल के दाम भी राउंड फिगर में करने की कृपा करें|

शनिवार, 24 सितंबर 2011

एक कांग्रेसी 
                 ओये झाल्लेया मुबारकां +वधाइयां+कंग्रेचुलेशना |ओये हसाडे   सोणे ते मन मोहणे पी एम् ने नियुयोर्क में सबको बता दिया है कि अब हमारी अर्थ व्यवस्था  इतनी मज़बूत हो गई है कि अब हम पूरे विश्व के अर्थ व्यवस्था को सपोर्ट कर सकते हैं |ओये हुन ते हो जायेगी बल्ले बल्ले अगले चुनावों में सब होंगे थल्ले थल्ले |
झल्ला 
               खैर मुबारक जी |घर के जोगी को बाहर से लौटने पर ही सिद्ध माना जाता रहा है इसीलिए आपके इन सिद्ध पुरुष से यह वरदान  अपेक्षित  है कि  भारत  लौटने पर सबसे पहले बिना टैक्स  और  कीमतें बढाये देश के आधी गरीब आबादी कि अर्थ व्यवस्था को सपोर्ट देंगे
 में ठीक हूँ  या
 कया में ठीक हूँ????????????

बुधवार, 8 सितंबर 2010

गेंहूं ज्यादा है बांटना नहीं बिजली कम है बाँट दो

एक कांग्रेसी
               ओये झल्लेया देख्या हसाड़े सोणे मंमोहने दा कमाल ओये उन्होंने साफ़ कह  दिया  है की अब वोह न तो रिटायर होंगे  और ना ही मुफ्त अनाज बांटेंगे | इससे महंगी एल.पी.जी.को बी.पी.एल.को बाँट देंगे   शरद पवार और अपने कपिल सिबल को भी बचाते हुए अपनी  केबिनेट को जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी की केबिनेट से भी मज़बूत बता दिया है  और तो और हसाड़े इस वजीरे आला ने सर्वोच न्यायलय [SC]को भी सरकारी नीतियों में दखल ना देने को कह दिया है| ओये अब  हसाडे पी.एम्.को कोई कमज़ोर पी.एम्. नहीं कह देना
झल्ला                                                     पानी बचाओ+बिजली बचाओ 
            
         ओ कांग्रेसी जी लगता है की आप पी,एम्.की चुनिन्दा एडिटरों को दी गई स्पीच पर  उछल रहे हो अब झल्ले की भी सुनो सोणे  मंमोहने को रिटायर होने के बाद ही पी.एम्.गिरी मिली है और दिल नया लग गया है सो अब क्यूं रिटायर होना |[२]देश में गेंहूं सड़ रहा हे मगर गरीबों को बांटना नहीं है दूसरी और बिजली की कमी है और उत्तर प्रदेश सरकार २ लाख चुनिन्दा गरीबों को मुफ्त[FREE]बिजली देने की घोषणा कर रही है इसीका जवाब देने को आप की सरकारे आली ने कूकिंग गैस को गरीबों में बांटने को गैस सिलेंडर का रेगुलेटर[फ्री] खोल दिया है||यानि राहुल गांधी की भारत और इंडिया की थियोरी फिट राहुल हिट|और रही बात मंत्रियों को बचाने की तो सर जी  इस  आग की लपटें  खुद उन तक पहुँच रही है सो खुद को बचाना भी तो जरूरी है |और रही बात कोर्ट की तो भापा जी हम को तो ये मालूम ही नहीं था की गेहूं सड़ाना भी आपकी सरकार की एक नीति ही  है 

गुरुवार, 2 सितंबर 2010

गरीब+भूखों को सरकारी[सड़ाअनाज]मदद देने के बजाये सीधे पशुओं को मदद चाहते हो

एक कांग्रेसी
                  ओये झल्लेया देखा हसाडी पार्टी के डंडे कॉ कमाल  शरद पवार  भी हो गए हैंबेहाल \पवार ने संसद में ना सही बागपत [मेरठ][यूं.पी]में एनिमल हेल्थ   के लिय नेशनल institute में आडिटोरियम तक   खुलवाने को तिजोरी खोल दी है इससे किसानो गरीबों कॉ भला होवे ही होवे
झल्ला                                      पानी बचाओ+बिजली बचाओ 
                  अब समझ में आया की  पशुओं  की तरह जीवन जीने को मजबूर किये जा रहे गरीब+भूखों को सरकारी [सड़ाअनाज]मदद देने के बजाये  आप लोग सीधे सीधे पशुओं को सीधे सीधे मदद पहुंचाना चाहते हो

गुरुवार, 26 अगस्त 2010

खाऊ बाड़ को बदलने वाला कोई माँ का लाल नहीं

एक भूखा[हिन्दुस्तानी] गरीब
                     ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है?हसाड़े अपने सोणे  मुल्क में हम भूखे गरीबों को नौकरी देने में विफल[रास्ट्रीय] नेता जन   सड़े जा रहे अनाज  तक को देने से इनकार कर रहे हैं और तो और हमारे लिए पी.डी.एस.तक को खाए जा रहे हैं ये नेता जन हमारे लाभ के लिए धन  एकत्रित करते हैं और उसे   अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करते जा रहे हैं अपने  तनख्वाह का ग्राफ बढाने में लगे हैं  हुन हसाड़ा क्या होगा
झल्ला
                   हाँ जी गरीब जी भूखे जी आपजी बिलकुल ठीक कह रहे हो अब तो बाड़ ही खेत खाए जा रही है और इस खाऊ बाड़ को बदलने वाला कोई माँ का लाल सामने नहीं आ   रहा हुन तो जो होता हो हो   ही जाने दो जी 
                           पानी बचाओ +बिजली बचाओ 

मंगलवार, 11 मई 2010

घर का जोगी जोगना बाहर का जोगी सिद्ध|

एक कांग्रेसी
               ओये झल्लेया देखा हसाड़े सोणे मंमोहने पी.एम्. का कमाल धोती को फाड़ कर बना दिया रुमाल
                ओये मंमोहने की काबलियत का लोहा तो अमेरिका दादा भी मानने लग गया है|वहांकेप्रमुख
                बराक मो .ओबामा.ने इसी हफ्ते मंमोहने को गुरु भी कह दिया है|ओये अब तो मानता हे ना की
                 यू.पी.ऐ.और देश की बागडोर मंमोहने के सशक्त हातों में है|  
झल्ला                             save power+save पानी बचाओ+बिजली बचाओ
                  हांजी सही कहा गया है की घर का जोगी जोगना बाहर का जोगी सिद्ध|