शुक्रवार, 2 अप्रैल 2010

स्कूलों को बच्चों[वंचित]के घरों तक भोजन के साथ शिक्षा भेजना जरूरी है|


एक कांग्रेसी
               ओये झल्लेया मुबारकां|हसाड़े सोणे ते मंमोहने पी.एम्. और काबिल सिब्बल ने शिक्षा के छेत्र में एक नया इतिहास लिख दिया है अब तो देश के सारे बच्चों को शिक्षा मिले ही मिले||ओये शिक्षा के इस अधिकार से  सबको शिक्षा मिलना तो तय है ही इसके साथ साथ गरीबों के लिए स्कूलों में २५%सीटें आरक्षित रखना भी जरूरी हो गया है| ८वी तक  ९२लाख वंचितों को भी मुफ्त शिक्षा+३० बच्चों के लिए एक टीचर++ लाखों टीचरों को नौकरी   |अब तो हो जाणी हे जी बल्ले बल्ले|सारे होंगे थल्ले ही थल्ले | लेकिन अआप्जी की माया  जी को कया हो गया है|गरीबों को शिक्षा के लिए प्रदेश के हिस्से के ४५%[८००० करोर]देने से ही मना कर रही हैं|
 झल्ला|                                                                   पानी बचाओ+बिजली बचाओ
            खैर मुबारक जी |गल तो वाकई मुबारक वाली  ही है| सभी धर्मों +समाजों में शिक्षा को महत्त्व दिया गया है|पाक कुरआन में पहला शब्द इकरा[पड़ो]+हिन्दू धरम में तो ज्ञान दान महा दान बताया गया है|++इसाई धर्मी पूरी दुनिया को शिक्षित करने को क्रतसंकल्प +++और सिख धर्म में तो गुरु ग्रन्थ साहब को गुरु का दर्जा दिया गया है|  सोणे मनमोहने  और काबिल सिब्बल ने बेशक पहली अप्रैल को यह घोषणा की है मगर विश्वाश है की यह अप्रैल फूल नहीं होगा|  इस पर भी जनाब ग्लास अभी भी आधे से ज्यादा खाली ही है| सरकारी स्कूलों के टीचरों को अपनी नौकरी बचाने को बच्चों की संख्या बड़ा कर अपनी जेब से [बेशक नाम मात्र]फीस जमा करवानी पड़ती है|मुक्त विद्यालय [आर.टी.]के उत्तर प्रदेश के १५६ केन्द्रों  [अध्ययन]में चार छेह बच्चे होने के फलस्वरूप बंद किये जा रहे हैं|सरकारी स्कूलों  से लेकर रिसर्च तक में ड्राप आउट प्रतिशत चिंताजनक है| टीचरों से पढाई के बजाय और दूसरे काम कराय जाते हैं| खेतान पब्लिक जैसे कई स्कूल है जिनकी मनमानी फीस की मांग से इनकी  मान्यता पर प्रश्न चिन्ह लगता रहता है|बच्चों को स्कूल भेजने   के बजाय उनकी कमाई से घर चलाया जा रहा है|झाल्लेविचारानुसार अब गरीब बच्चों के लिए मात्र बिल्डिंग्स बनाए के बजाय सही मायने में स्कूल बना कर बच्चों[वंचित]के घरों तक  भोजन के साथ  शिक्षा भेजना जरूरी है|  रही बात माया जी की तो जनाब इनका कसूर नहीं है मात्र तीन सालों में ४३८३.५१ करोर तो मुर्तिओं पर कर्च करके गरीबों की सेवा कर चुकी हैं|और अब इन मूर्तियों की सुरक्षा के लिए भी करोरों चाह्हिये | 

4 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बढ़िया लिखा है आपने जो काबिले तारीफ़ है! बधाई!

    उत्तर देंहटाएं
  2. ८वी तक ९२लाख वंचितों को भी मुफ्त शिक्षा+३० बच्चों के लिए एक टीचर++ लाखों टीचरों को नौकरी ...

    चलो जी किते आपना वी नंबर लग जायेगा .....!!

    उत्तर देंहटाएं