बुधवार, 8 सितंबर 2010

गेंहूं ज्यादा है बांटना नहीं बिजली कम है बाँट दो

एक कांग्रेसी
               ओये झल्लेया देख्या हसाड़े सोणे मंमोहने दा कमाल ओये उन्होंने साफ़ कह  दिया  है की अब वोह न तो रिटायर होंगे  और ना ही मुफ्त अनाज बांटेंगे | इससे महंगी एल.पी.जी.को बी.पी.एल.को बाँट देंगे   शरद पवार और अपने कपिल सिबल को भी बचाते हुए अपनी  केबिनेट को जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी की केबिनेट से भी मज़बूत बता दिया है  और तो और हसाड़े इस वजीरे आला ने सर्वोच न्यायलय [SC]को भी सरकारी नीतियों में दखल ना देने को कह दिया है| ओये अब  हसाडे पी.एम्.को कोई कमज़ोर पी.एम्. नहीं कह देना
झल्ला                                                     पानी बचाओ+बिजली बचाओ 
            
         ओ कांग्रेसी जी लगता है की आप पी,एम्.की चुनिन्दा एडिटरों को दी गई स्पीच पर  उछल रहे हो अब झल्ले की भी सुनो सोणे  मंमोहने को रिटायर होने के बाद ही पी.एम्.गिरी मिली है और दिल नया लग गया है सो अब क्यूं रिटायर होना |[२]देश में गेंहूं सड़ रहा हे मगर गरीबों को बांटना नहीं है दूसरी और बिजली की कमी है और उत्तर प्रदेश सरकार २ लाख चुनिन्दा गरीबों को मुफ्त[FREE]बिजली देने की घोषणा कर रही है इसीका जवाब देने को आप की सरकारे आली ने कूकिंग गैस को गरीबों में बांटने को गैस सिलेंडर का रेगुलेटर[फ्री] खोल दिया है||यानि राहुल गांधी की भारत और इंडिया की थियोरी फिट राहुल हिट|और रही बात मंत्रियों को बचाने की तो सर जी  इस  आग की लपटें  खुद उन तक पहुँच रही है सो खुद को बचाना भी तो जरूरी है |और रही बात कोर्ट की तो भापा जी हम को तो ये मालूम ही नहीं था की गेहूं सड़ाना भी आपकी सरकार की एक नीति ही  है 

1 टिप्पणी:

  1. आपकी टिपण्णी के लिए शुक्रिया! बहुत दिनों के बाद आपका पोस्ट पढ़कर बहुत अच्छा लगा! इस उम्दा पोस्ट के लिए बधाई!

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